history of computer and high level languages



पाठको! कम्प्यूटर से सम्बंधित ज्ञान के अंतर्गत इस पोस्ट के माध्यम से कम्प्यूटर का इतिहास तथा उच्च स्तरीय भाषाओ के बारे में बतलाया गया है। आगामी सभी प्रतियोगी परीक्षाओ के अंतर्गत आने वाले प्रश्नो के हल के लिए आपको इस पोस्ट द्वारा आसानी होगी। 
आशा करते है की यह पोस्ट आपको पसंद आएगी। धन्यवाद!

 कम्प्यूटर का इतिहास 

1 . सर्वप्रथम यांत्रिक कैलकुलेटर का उद्गम दो महान व्यक्तियों ब्लेज़ पास्कल तथा गोटफ्रिड विल्हेम लेबिट्स द्वारा किया गया था।  

2 . चार्ल्स बैवेज ने जॉन नेपियर द्वारा खोजे गए लघुगणक अंको को समाहित कर सकने वाली     कैलक्यूलेटिंग मशीन बनाने पर विचार किया।  

3 . आधुनिक कम्प्यूटर क्रांति इस सदी के चौथे दशक में आरम्भ हुई थी ।  
4 . मार्क 1  विश्व का पहला डिजिटल कम्प्यूटर था जिसका उपयोग मकैनिकल यंत्रो से हुआ इसकी खोज हॉवर्ड एकेन ने की थी।  

5 . 1946  में विश्व का सबसे महत्त्व पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कम्प्यूटर बना।  इसे ENIAC या इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल एंटीग्रेटर एन्ड कैलकुलेटर कहा गया।  

6 . पहली पीढ़ी के कम्प्यूटर में मुख्य रूप से वैक्यूम ट्यूब का उपयोग होता था जो की एक बार में 10  डिजिट की 20  संख्या को एक साथ स्टोर करने में सक्षम था।  

7 . प्रसिद्द वैज्ञानिक वान न्यूमेन ने सन 1945  में EDVAC इलेक्ट्रॉनिक डिस्क्रीट वेरिएबल ऑटोमैटिक कम्पुयटर की खोज की।  

8 . डिजिटल कम्पूटरो के लिए वान न्यूमेन के ढांचे में इनपुट, आउटपुट, मेमोरी, अरिथमेटिक लॉजिकल यूनिट (ALU) और कण्ट्रोल यूनिट थे।  

9 . एक CPU पर आधारित इस परंपरागत डिजाइन में एक नियमित प्रोग्राम के जरिये काम होता है। 

कम्पुयटर की उच्च स्तरीय भाषाओ के प्रमुख उदाहरण -


(A) FORTRAN- कम्प्यूटर की इस भाषा का विकास IBM के सौजन्य से बेकस ने 1957 में किया था।  इस भाषा का विकास गणितीय सूत्रों को आसानी से और कम समय में हल करने के लिए किया गया था। 

(B) COBOL- इस भाषा का विकास व्यावसायिक हितो के लिए किया जाता है।  इस भाषा की संक्रिया के लिए लिखे गए वाक्यों के समूह को पैराग्राफ कहते है।  सभी पैराग्राफ मिलकर एक सेक्शन बनाते है और सेक्शन से मिलकर डिवीज़न बनता है। 

(C) BASIC-  इस भाषा में प्रोग्राम में निहित आदेश के किसी निश्चित भाग को सम्पादित किया जा सकता है, जबकि इससे पहले की भाषाओ में पुरे प्रोग्राम को कम्प्यूटर में डालना होता था और प्रोग्राम के ठीक होने पर आगे के कार्य निष्पादित होते थे। 

(D) ALGOL-  इसका निर्माण बीज गणित की जटिल गणना में प्रयोग हेतु बनाया गया था। 

(E) PASCAL- यह ALGOL का  परिवर्धित रूप है।  इसमें सभी चरो को परिभाषित किया गया है, जिसके कारण यह ALGOL तथा BASIC से भिन्न है। 

(F) COMAL-  इस भाषा का प्रयोग माध्यमिक स्तर के छात्रों के लिए किया जाता है। 

(G) LOGO- इस भाषा का प्रयोग छोटी उम्र के बच्चो को ग्राफ़िक रेखानुकृति की शिक्षा देने के लिए किया जाता है। 

(H) PROLOG- यह अंग्रेजी शब्द PROGRAMMING IN LOGIC का छोटा रूप है।  इस भाषा का विकास 1973 में फ्रांस में किया गया था।  इसका विकास कृत्रिम बुद्धि के कार्यो के लिए किया गया है जो की तार्किक प्रोग्रमिंग में सक्षम है। 

(I) FORTH- इस भाषा का अविष्कार मूरे ने किया था।  इसका उपयोग कम्प्यूटर के सभी प्रकार के कार्यो में किया जाता है।  उन सभी उच्च स्तरीय भाषाओ में एक समानता है कि लगभग सभी में अंग्रेजी के वर्णो तथा इंडो अरेबियन अंको का प्रयोग किया जाता है। 


















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