राजस्थान के प्रमुख प्रजामण्डल


राजस्थान के प्रमुख प्रजामण्डल 

राजस्थान के प्रमुख प्रजामण्डल
राजस्थान के प्रमुख प्रजामण्डल 

राजस्थान के स्वतंत्रता संग्राम तथा एकीकरण में प्रजामण्डलों की प्रमुख भूमिका रही।  1927 ई के मद्रास अधिवेशन में कांग्रेस ने अपने प्रस्ताव में देशी राजाओ से अपने राज्यों में प्रतिनिधि और उत्तरदायी शासन की स्थापना की।  1938 ई  के कांग्रेस के हरिपुरा अधिवेशन जिसकी अध्यक्षता सुभाष चंद्र बोस ने की, में देशी रियासतों को पहली बार भारत का अंग माना गया।  
1937 में प्रजामण्डलों की स्थापना का सिलसिला शुरू हुआ और सबसे पहले पाटनी जी ने जयपुर प्रजामण्डल की स्थापना की जिसका जमनालाल बजाज तथा हीरालाल शास्त्री ने 1939 ई  में पुनर्गठन किया।  
सभी प्रजामण्डलों में कोटा का आंदोलन सबसे तेज था।  जयपुर ने पप्रजामण्डल आंदोलन सक्रीय नहीं रहा क्योकि अध्यक्ष हीरालाल शास्त्री ने 1942 में जयपुर के प्रधानमंत्री इस्माइल से समझौता किया।  

1 . जयपुर में प्रजामण्डल 1931 में हुआ जिसमे संस्थापक कपूरचंद पाटनी थे , जयपुर प्रजामण्डल का पुनर्गठन 1938 में हुआ तथा जमनालाल बजाज को इसका संस्थापक बना दिया गया।  

2 . बूंदी में प्रजामण्डल की स्थापना 1938 में हुई इसके संस्थापक कांतिलाल थे यही इनके प्रथम अध्यक्ष थे।  

3 . मारवाड़ में प्रजामण्डल की स्थापना 1934 में हुई इसके संस्थापक छगनलाल चोपासनीवाला तथा अभय मल  मेहता थे , अध्यक्ष भंवर लाल सराफ को बनाया गया।  

4 . बीकानेर में प्रजामण्डल की स्थापना 1936 में हुई इसके संस्थापक मघाराम वैद्य थे।  

5 . मेवाड़ में प्रजामण्डल की स्थापना 1938 में हुई तथा माणिक्य लाल वर्मा को संस्थापक साथ ही बलवंत सिंह मेहता को अध्यक्ष बनाया गया।  

6 . भरतपुर में प्रजामण्डल की स्थापना 1938 में हुई तथा जुगलकिशोर चतुर्वेदी, आदित्येन्द्र तथा किशन लाल जोशी को संस्थापक साथ ही गोपीलाल यादव को अध्यक्ष बनाया गया।  

7 . अलवर में प्रजामण्डल की स्थापना 1938 में हुई तथा हरिनारायण शर्मा तथा कुंजबिहारी मोदी को संस्थापक  बनाया गया।  

8 . धौलपुर में प्रजामण्डल की स्थापना 1938 में हुई तथा ज्वालाप्रसाद तथा जोहरी लाल इंदु को संस्थापक साथ ही कृष्ण दत्त पालीवाल को अध्यक्ष बनाया गया।   

9 . शाहपुरा में प्रजामण्डल की स्थापना 1938 में हुई तथा लादूराम व्यास तथा अभय सिंह को संस्थापक साथ ही रमेश चंद  ओझा को अध्यक्ष बनाया गया।  

10. करौली में प्रजामण्डल की स्थापना 1939  में हुई तथा त्रिलोक चंद माथुर को संस्थापक बनाया गया।  

11 . कोटा में प्रजामण्डल की स्थापना 1939 में हुई तथा माणिक्य लाल वर्मा को संस्थापक साथ ही बलवंत सिंह मेहता को अध्यक्ष बनाया गया।  

12. सिरोही में प्रजामण्डल की स्थापना 1939 में हुई तथा गोकुल भाई भट्ट को संस्थापक बनाया गया।   

13 . किशनगढ़ में प्रजामण्डल की स्थापना 1939 में हुई तथा कांतिलाल चौथाणी को संस्थापक साथ ही जमालशाह को अध्यक्ष बनाया गया।  

14 . कुशलगढ़ में प्रजामण्डल की स्थापना 1942 में हुई तथा भंवर लाल निगम को संस्थापक बनाया गया।  

15 . बांसवाड़ा में प्रजामण्डल की स्थापना 1943 में हुई तथा भूपेन्द्र नाथ त्रिवेदी को संस्थापक बनाया गया।  

16 . डूंगरपुर में प्रजामण्डल की स्थापना 1944 में हुई तथा भोगीलाल पांड्या को संस्थापक बनाया गया।  

17 . प्रतापगढ़ में प्रजामण्डल की स्थापना 1945 में हुई तथा अमृत लाल पायक तथा चुन्नी लाल प्रभाकर को संस्थापक बनाया गया।  

18 . जैसलमेर में प्रजामण्डल की स्थापना 1945 में हुई तथा मीठालाल व्यास को संस्थापक को  बनाया गया। 

19 . झालावाड़ में प्रजामण्डल की स्थापना 1946 में हुई तथा मांगीलाल भव्य को संस्थापक बनाया गया।   























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