भारत पर अरबो का आक्रमण





पाठको! भारतीय इतिहास तथा संस्कृति के अंतर्गत भारत पर अरबो का आक्रमण महत्पूर्व स्थान रखता है, इसके अंतर्गत मुहम्मद बिन कासिम, महमूद गजनी तथा मुहम्मद गौरी के बारे में जानने को मिलता है साथ उल्लेखनीय युद्ध के विषय में भी। अतः इस लेख के माध्यम से आपके आगामी परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बिंदु प्रस्तुत है।  धन्यवाद!

भारत पर अरबो का आक्रमण 



  • मुहम्मद बिन कासिम के नेतृत्व में अरबो ने भारत पर पहली बार सफल आक्रमण किया।  
  • अरबो ने सिंध पर 712 ईस्वी में विजय पाई थी।  
  • अरब आक्रमण के समय सिंध पर दाहिर का शासन था। 
  • भारत पर अरबवासियों के आक्रमण का मुख्य उद्द्देश्य धन दौलत लूटना तथा इस्लाम धर्म का प्रचार प्रसार करना था।  

महमूद गजनी 



  • अलप्तगीन नमक एक तुर्क सरदार गजनी साम्राज्य का संस्थापक था। 
  • अलप्तगीन का गुलाम तथा गुलाम सुबुक्तगीन था।  
  • महमूद गजनी सुबुक्तगीन का पुत्र था।  अपने पिता के कल में गजनी खुरासान का शासक बना। 
  • महमूद गजनी ने भारत पर 17 बार आक्रमण किया। 
  • महमूद गजनी ने भारत पर पहली बार 1001 ईस्वी में आक्रमण किया। यह आक्रमण शाही राजा जयपाल के विरुद्ध था। इसमें जयपाल की पराजय हुई थी।  
  • महमूद गजनी का 1008 ईस्वी में मगरकोट के विरुद्ध हमले को मूर्तिवाद के विरुद्ध पहली महत्वपूर्ण जीत बताई जाती है।  
  • महमूद गजनी ने थानेसर के चक्रस्वामिन की कांस्य निर्मित आदमकद प्रतिमा को गजनी भेजकर रंगभूमि में रखवाया।  
  • महमूद गजनी का सबसे चर्चित आक्रमण 1024 ईस्वी में सोमनाथ के मंदिर पर हुआ जो की सौराष्ट्र में स्थित है।  इस मंदिर की लूट में उसे करीब 20 लाख दीनार की सम्पति हाथ लगी।  सोमनाथ की रक्षा में सहायता करने के कारण अन्हिलवाड़ा के शासक पर महमूद गजनी ने आक्रमण किया। 
  • सोमनाथ मंदिर लूटकर ले जाने के क्रम में महमूद पर जाटो ने आक्रमण किया था और कुछ सम्पति लूट ली थी।  
  • महमूद गजनी का अंतिम भारतीय आक्रमण 1027 ईस्वी में जाटो के विरुद्ध था।  
  • अलबरूनी, फिरदौसी, उत्बी, तथा फरुखी महमूद गजनी के दरबार में रहते थे।  

मुहम्मद गौरी 




  • गौर महमूद गजनी के अधीन एक छोटा सा राज्य था।  1173 ईस्वी में शहाबुद्दीन मुहम्मद गौरी गौर का शासक बना।  इसने भारत पर पहला आक्रमण 1175 ईस्वी में मुल्तान के विरुद्ध किया था।  
  • मुहम्मद  गौरी का दूसरा आक्रमण 1178 ईस्वी में पाटन (गुजरात) पर हुआ। यहाँ के शासक चालुक्य सौलंकी भीम द्वितीय ने गौरी को बुरी तरह परास्त किया। यह मुहम्मद गौरी की प्रथम पराजय थी। 

मुहम्मद गौरी द्वारा लडे गए प्रमुख युद्ध 




  1. तराइन का प्रथम युद्ध (1191 ईस्वी ) - यह युद्ध गौरी तथा पृथ्वी राज विजय के मध्य लड़ा गया था। यह युद्ध बहुत ही प्रसिद्ध युद्ध है। इस युद्ध में पृथ्वीराज विजय को विजय मिली थी।  
  2. तराइन का दूसरा युद्ध (1192 ईस्वी )- यह युद्ध भी गौरी तथा पृथ्वी राज के मध्य लड़ा गया था, परन्तु इस युद्ध का परिणाम गौरी के पक्ष में रहा।  यह युद्ध गौरी विजय हुआ। 
  3. चंदावर का युद्ध (1194 ईस्वी ) - यह युद्ध मुहम्मद गौरी तथा जयचंद के बीच हुआ था जिसमे मुहम्मद गौरी विजय हुआ था।  










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