Magnet / चुम्बक
![]() |
| चुम्बक (Magnet) |
चुम्बक (Magnet) की परिभाषा - चुम्बक (मैग्नेट्) वह पदार्थ या वस्तु है जो चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है। चुम्बकीय क्षेत्र अदृश्य होता है और चुम्बक का प्रमुख गुण - आस-पास की चुम्बकीय पदार्थों को अपनी ओर खींचने एवं दूसरे चुम्बकों को आकर्षित या प्रतिकर्षित करने का गुण, इसी के कारण होता है।
चुम्बक (Magnet) के प्रकार
(A) प्राकृतिक चुम्बक (Natural magnets) - प्राकृतिक चुम्बक लोहे का आक्साइड है, इसमें लोहे को अपनी और आकर्षित करनेकी क्षमता पाई जाती है इसी गुण को चुम्बकत्व कहते है। सर्वप्रथम ये एशिया माइनर के मैग्नीशिया में खोजे गए थे इसलिए इन प्रदार्थो को मैग्नेटाइड भी कहा जाता है। चुम्बक के सिरों के संमीप सर्वाधिक चुम्बकत्व होता है इसे चुम्बक के ध्रुव भी कहा जाता है। चुम्बक का उपयोग प्राचीन समय में दिशा निर्धारण में भी किया जाता था। चुम्बक को क्षैतिज ताल में स्वतन्त्रापूर्वक लटकने पर इसका एक ध्रुव उत्तर दिशा तथा दूसरा दक्षिण दिशा में रुकता है। चुम्बक के समान ध्रुवो में प्रतिकर्षण तथा आसमान ध्रुवो में आकर्षण पाया जाता है।
(B) कृत्रिम चुम्बक (Artificial Magnet) - प्राकृतिक चुम्बक में चुम्बकत्व की मात्रा काम काम होने से कृत्रिम चुम्बक बनाए जाने की जरुरत होती है इसके अंतर्गत लौह चुम्बकीय पदार्थ को अत्यधिक चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाता है जिससे लौह चुम्बकीय पदार्थो में चुम्बकीय गुण आ जाते है।
यह भी पढ़े - प्रकाश (Light)
चुम्बकीय बल रेखाएं
- चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता का मात्रक टेसला (T) होता है। चुम्बकीय फलक्स का मात्रक बेवर है।
- चुम्बकीय बल रेखाएं वे काल्पनिक रेखाएं होती है जो उस स्थान में चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा को अविरत प्रदर्शित करती है। चुम्बकीय बल रेखा के किसी भी बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा उस बिंदु पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा को प्रदर्शित करती है।
- चुम्बकीय बल रेखाएं उत्तरी ध्रुव से निकलती है तथा वक्र बनाती हुई दक्षिणी ध्रुव में प्रवेश करती जाती है।
- दो बल रेखाएं कभी भी एक दूसरे को नहीं काटती है। चुम्बकीय क्षेत्र जहा प्रबल होता है वहा बल रेखाएं पास पास होती है।
चुम्बकीय पदार्थ
(A) प्रति चुम्बकीय पदार्थ - ये वे पदार्थ होते है जिन्हे चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में चुंबकित हो जाते है। जैसे - जस्ता, बिस्मथ, तांबा, चांदी, हीरा, नमक, जल।
(B) अनुचुम्बकीय पदार्थ - जो चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर क्षेत्र की दिशा में थोड़ी सी (कम से कम ) चुंबकित हो जाते है। जैसे - प्लैटिनम, क्रोमियम, सोडियम, ऐलुमिनियम तथा ऑक्सीजन।
(C) लोह चुम्बकीय - जो चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर क्षेत्र की दिशा में प्रबल रूप से चुंबकित हो जाते है जैसे - लोहा, निकिल, कोबाल्ट, इस्पात।
यह भी पढ़े - पाचन (Digestion)
यह भी पढ़े - पाचन (Digestion)
- अस्थाई चुम्बक बनाने के लिए नरम लोहे का प्रयोग किया जाता है। स्थाई चुम्बक बनाने के लिए इस्पात का प्रयोग किया जाता है।
चुम्बक के उपयोग - चुम्बक का उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में , भवन निर्माण हेतु बड़ी मशीनों में , दिशा सूचक यंत्र के रूप में, विधुत निर्माण करने में तथा निष्कर्षण करने में प्रयोग किया जाता है।

Good very helpful
ReplyDelete